Wednesday, September 25, 2019

राजस्थान से कवि बाबूलालशर्मा, बौहरा की कृति- नवरात्रि

कवि....  बाबूलालशर्मा, बौहरा
शीर्षक...    नवरात्रि
राज्य....   राजस्थान
मो.नं.   ...  9782924579

.                    रोला छंद
.                    नवरात्रि
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आदि  भवानी  मात, वही  दुर्गे  नव  रूपा।
भजते जो मन भाव,भिखारी जन या भूपा।
नौ दिन के  नौ रूप, धरे सुन्दर  जग माता।
महा  पर्व   नवरात्रि, दशहरे  पहले  आता।
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श्राद्धपक्ष के बाद,दिवस जो पहला आता।
सब के मन  सद्भाव, मातृ पूजा को भाता।
बेटी बहिनें  मात, पराई  सब  की  अपनी।
श्रेष्ठ एक संदेश, मात  सम इन्हे  समझनी।
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कन्या  पूजन  पर्व, अंत नवरात्रि  मनाते।
लाते घर घर  ढूँढ, दक्षिणा  देय  जिमाते।
बिटिया का सम्मान, सदा ही करलें भैया।
नारी  दुर्गा  रूप, बहिन  बेटी  सब  मैया।
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बाबू लाल शर्मा, बौहरा
सिकंदरा,दौसा,राजस्थान

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