Monday, September 16, 2019

बिहार ( मधुबनी) से कवयित्री इन्दु कुमारी की प्रकाशित कृति- इश्तिहार

नाम - इन्दु कुमारी
राज्य - बिहार ( मधुबनी)
शीर्षक - "इश्तिहार"
समर्पक -
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               इश्तिहार
अब किसी को भी नजर आती
            ‌नही कोई दरार,
घर की हर दीवार पर चिपके है
              इतने इश्तिहार,
आप बच कर चल सकें ऐसी कोई
                सूरत नहीं,
रहगुज़र घेरे हुए मुर्दे खड़े हैं       
              बेशुमार,
मैं बहुत कुछ सोचती हूं पर
               कहती नहीं
बोलना भी है मना,सच बोलना
             तो दरकिनार,
इस सिरे से उस सिरे सब शरिके-जुंर्म
आदमी या तो ज़मानत पर रिहा है
                  या फ़रार,
एक दुसरे के हालातों को बनाया इश्तिहार
ऐ मेरे परवर दिगार,ऐ मेरे परवर दिगार,ऐ मेरे परवर दिगार
दस्तको का अब किवाड़ों पर
            असर होगा ज़रूर
हर हथेली खून से तर और ज्यादा
      बेकरार, और ज्यादा बेकरार
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                            इन्दु कुमारी
                            शिक्षिका
                     बिहार मधुबनी

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