कवि का नाम बजरंग दान चारण
राज्य राजस्थान
निवासी - नाथूसर ,बीकानेर
कविता का शीर्षक - मैं हिन्दी हिन्दुस्तान की
मोबाइल-8949410152
मैं हिन्दी हिन्दुस्तान की
मैं भारतीय जीवन मूल्यों की
सरस अभिव्यक्ति हूँ
मै अनेकता में एकता
व समरसता की शक्ति हूँ,
मैं माँ भारती के भाल की बिंदी हूं
वतन के कर्णधारों की हमराही हिंदी हूँ
मैं मानस मंदिर के अंतरतम की
गहराई को छूती हूँ
मैं अस्मिता की प्यारी भाषा
हिंदी हिंद की तूती हूं तूती हूं हूं
संवेदनाओं में पिरोकर प्रेम को
एकता की माला बनाती
मां भारती की आरती में
देश प्रेम की ज्वाला जलाती
मैं हिंदी अपने गीत ग़ज़ल से से
भारत मां का मान बढ़ाती
मैं हिंद की प्यारी भाषा
दुनिया को संस्कार सिखाती
मैं आजादी की आवाज हिंदी
देशभक्ति का गाना सुनाती
मैं गंगा सी पावन पावन हिंदी
जग को वेद पुराण पढ़ाती
विश्व पटल पर धाक जमाती
मैं हिंदी हिंदुस्तान की
कोटि-कोटि कंठों ने गाई
कीर्ति इस जुबान की
यह सूर की सरस सरिता
तुलसी की कविताई है
गर्व से बोलो जय हिंदी
यह भाषा है हिन्दुस्तान की
ये थाती है रसखान की
ये तुलसी सुर कबीरा की
ये भाषा है मधुशाला की
ये पंत प्रसाद निराला की
गर्व से बोलो जय हिन्दी
यह गाथा है बलिदान की
शानदार
ReplyDeleteपरम सुंदर
ReplyDeleteशानदार रचना
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