Monday, September 30, 2019

छत्तीसगढ से कवि संतोष श्रीवास्तव सम की रचना- कोई छोड़ दे

नाम _. संतोष श्रीवास्तव सम,
राज्य_. छत्तीसगढ,
शीर्षक _ कोई छोड़ दे,
मोबाइल ९९९३८१९४२९
शीर्षक _. कोई छोड़ दे

न किसी के अब तू करीब आ,
क्या पता कहा कोई छोड़ दे,
तू ढूंढता रहे दर बदर,
वो दिल का रिस्ता तोड़ दे।

तूझे क्या पता कहां मोड़ इक,
आये जमाने में कहीं,
जहां तन्हाई साया बने,
और सफर में न हो कोई कही।
है जिन्दगी सजा कोई,
जितना तू चाहें जोड़ दे,
क्या पता कहां कोई छोड़ दे।

यहां चाह कर भी कोई कही,
पाता नहीं है मुकाम वो,
जिस पर खड़ी हो इक खुशी,
और दिखे मुस्कान वो।
फिर किस कदर अनमोल हो,
यह राह अपनी मोड़ दे,
क्या पता कहां कोई छोड़ दे।।
न किसी के अब तू करीब आ,
क्या पता कहां कोई छोड़ दे।
तू ढूंढता रहे दर बदर,
वो दिल का रिस्ता तोड़ दे।
       संतोष श्रीवास्तव सम

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