नाम - देवव्रत कर शर्मा
शीर्षक - हां मै गुरू हूं
पता - गांधीनगर सुकमा, जिला सुकमा छग।
मोबाइल न• - 7587373238
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हां मै गुरु हूँ
सरल हूँ सहज हूँ ।
अथाह सागर सा गंभीर हूँ
अचल स्थिर धीर हूँ।
मुझमें चाणक्य की नीति है
संस्कृति सहेजने की रीति है।
निज उन्नति को त्याग कर
उन्नत समाज के प्रगति पथ पर।
मानवता का कल्याण करता हूँ
हां मै गुरु हूँ। ।
समर्थ बनकर शिवा को गढ़ता
संदीपनी बनकर कृष्ण को रचता।
विश्वामित्र वशिष्ठ का धड़कन हूँ
द्रोणाचार्य का विचार मंथन हूँ।
एकलव्य का अद्वितीय धनुर्विद्या मे
अर्जुन का समग्र एकाग्रता में।
अपने सपने को देखता हूँ
हां मै गुरु हूँ। ।
मुझे ना धन चाहिए ना स्वर्ण
ना सम्मान की लालसा है।
बस खुशी तब होती है जब
मेरा शिष्य आगे बढ़ता है।
आज खुशी है नाज है तुम पर
मेरे बच्चों का स्नेह है जो हम पर।
तुम्हारे सफलता की कामना करता हूँ
हां मै गुरु हूँ।
** देवव्रत शर्मा **
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