कवि का नाम - प्रदीप गुप्ता
कविता का शीर्षक -महान कवि
स्थान - अजमेर राजस्थान ।
मोबाइल -9461324842
महान कवि
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कोई भी कविता तब ही
बड़ी कहलाती हैं
जब वो किसी के h
समझ मेंं नही आती है
पढ़ते पढ़ते दिमाग
चकरघिन्नी बन जाता है
पता ही नही चलता कि
कवि कहना क्या चाहता है
वो कविता भी कोई कविता है
जिसे कोई बच्चा भी समझ जाता है
ऐसी टुच्ची कविता से
कोई कवि महान नही कहलाता है
कविता ऐसी होनी चाहिऐ
जो दिमाग को उछाले
जो भी उसे पढ़े
अपना अलग अर्थ निकाले
कई बार ईन कविताओं के
ऐसे ऐसे अर्थ निकल आते हैं
जो उसे लिखने वाले कवि के
खुद के पल्ले नही पड़ पाते हैं
अपनी कविताओं के निकाले गये अर्थों से
वो खुद चकित हो जाता है
औऱ उसके जीवन मेंं यही घटनाक्रम
एक महान कवि बनने का बीज वो जाता है
औऱ फिर वो कवि महान बनकर
ऐसी ऐसी कविताऐं पेलता है
कि तमाम साहित्य जगत
उन्हें बड़े आदर औऱ श्रद्धा के साथ झेलता है
मेरे एक कवि मित्र ने
पत्नी से झगड़ा हो जाने पर गुस्से मेंं एक महान रचना कर डाली
औऱ एक विराट कविता विभिन्न उपमाओं
अतिश्यौक्तियौ एंव पर्यायवाची शब्दों से भर डाली
आज वो एक महान एंव प्रतिष्ठित कवि कहलाये जातें हैं
औऱ तमाम साहित्यिक आयोजनों मेंं अध्यक्ष पद से सजाये जातें है।
कवि जो हर किसी के समझ मेँ आ जाता है
वो हर बार महानता से
वंचित रह जाता है
👌🏻👌🏻👌🏻bahut khub.
ReplyDeleteEk mahaan kavi h ise itni khoobsurati se ek kavita mai samet sakta hai...sach mai kya Khoob likha h👌👌
ReplyDeleteकैसे तारीफ करें समझ नहीं आता
ReplyDeleteशब्दों की महफिल में आपकी तारीफ लायक
कोई शब्द नजर नहीं आता