कवि का नाम- टिंकू शर्मा 'मिथलेश'
शीर्षक- दिल करता है कुछ लिख दूं।
राज्य- उत्तर प्रदेश
संपर्क- 9719 6373 53
दिल करता है कुछ लिख दूं।
अंगारों की आग लिख दूं ,
दिल के दाग लिख दूं ,
बसंत का श्रृंगार लिख दूं ,
बिछड़े प्रिय के उपहार लिख दूं ,
शत्रु के वार लिख दूं ,
दिलों का व्यापार लिख दूं।
दिल करता है कुछ लिख दूं........
कोयल की कूक लिख दूं,
दिल की हूक लिख दूं ,
अपनी चूक लिख दूं ,
गरीब की भूख लिख दूँ,
गूँगे की मूक लिख दूँ,
जमाने का सलूक लिख दूं ।
दिल करता है कुछ लिख दूं .......
मोरनी का नृत्य लिख दूँ,
कातिल का कृत्य लिख दूं ,
जीवन की मृत्यु लिख दूँ,
सुहावना सा दृश्य लिख दूं।
दिल करता है कुछ लिख दूं .......
फूलों की महक लिख दूँ,
चिड़िया की चहक लिख दूं ,
टेडी मेडी सड़क लिख दूं ,
पौधे की लहक लिख दूँ,
जवानी की बहक लिख दूँ,
दोस्ती की परख लिख दूं ,
दिल करता है कुछ लिख दूँ ......
आंसू वाली पलक लिख दूँ,
बिछड़े यार की झलक लिख दूँ,
बच्चे की ललक लिख दूं,
छुरी वाली बगल लिख दूँ,
जागृति की अलख लिख दूं ,
जान वाला हलक लिख दूं ।
दिल करता है कुछ लिख दूं ......
प्रिय की मुस्कान लिख दूँ,
जिंदगी की थकान लिख दूं ,
बंजारे का मकान लिख दूं ,
देश का गान लिख दूँ,
मां बाप का सम्मान लिख दूँ,
ईश्वर का गुणगान लिख दूँ।
दिल करता है कुछ लिख दूं .....
अपना दर्द लिख दूँ,
उसका फर्क लिख दूँ,
दिलों की गर्द लिख दूं,
झूठ की हद लिख दूं।
दिल करता है कुछ लिख दूँ.....
आखिरी आस लिख दूं ,
प्यार की तलाश लिख दूँ,
लोगों का परिहास लिख दूं ,
अंतिम सांस लिख दूं ,
अपनी लाश लिख दूं।
दिल करता है कुछ लिख दूं।।
~ टिंकू शर्मा 'मिथलेश'
No comments:
Post a Comment