कवि का नाम- सुन्दर लाल डडसेना "मधुर"
शीर्षक- *गुरू ज्ञान के सागर*
राज्य-छत्तीसगढ़ जिला महासमुंद
संपर्क- 8103535652
9644035652
*गुरु ज्ञान के सागर*
जिंदगी की अंधेरी राहों में।
गुरू ने ज्ञान का दीप जलाया है।
जब भी हम हार कर निराश हुए हैं।
गुरू ने हर मुश्किल में हमें जीना सीखाया है।
1.शिक्षक सही गलत का कराते पहचान हैं।
गुरू गुरूत्व और हम सबका सम्मान हैं।
शिक्षक मिटाते तम रूपी अज्ञान हैं।
शिक्षक माता पिता ईश्वर से भी महान है।
शिक्षक ने हमें शिष्टाचार का पाठ पढ़ाया है।
जिंदगी की अंधेरी................
2.शिक्षक ज्ञान का अलौकिक प्रकाश पुंज है।
शिक्षक संस्कारवान प्रेरणा कुंज है।
शिक्षक शिक्षा का कराते अमृतपान हैं।
शिक्षक धर्मरक्षक सरस्वती संतान हैं।
शिक्षक ने संगत के रंगत से बदलना सीखाया है।
जिंदगी की अंधेरी............
*सुन्दर लाल डडसेना "मधुर"*
ग्राम-बाराडोली (बालसमुंद)
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद
मोब.-8103535652
9644035652
Saturday, August 31, 2019
छत्तीसगढ़ जिला महासमुंद से कवि सुन्दर लाल डडसेना "मधुर" की कृति- गुरू ज्ञान के सागर
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