कवि का नाम - एस के नीरज
शीर्षक - " देश के कर्णधार शिक्षक "
संपर्क नंबर - 99770-45540
शीर्षक :- " देश के कर्णधार
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शिक्षक"
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अपने राष्ट्र के भाग्य विधाता
शिक्षक हैं सारे ज्ञान के दाता
छात्र कहते हैं जिन्हे मास्टर
जिनके हाथों में होती डस्टर
छात्रों के बीच होती है बस धाक
घर जाकर खाते पालक का साग
जेब में मिलेगी एक सुंदर सी पेन
घर में मिलेगी टूटी हुयी लालटेन
शिक्षक अपने आप में हैं आदर्श
जो स्कूल में पढ़ाते हैं बस प्रादर्श
परीक्षा में कहते मत करो नक़ल
नक़ल के लिए भी चाहिए अकल
शासन के तरफ से मिलती है अवकाश
सोचते हैं कुछ दिन और मिलती काश
शिक्षक के सामने अधिकारी भी झुकाते सिर
चाहे कोई लखपति हो या फिर कोई शूरवीर
भौरें को चाहत होती है खिलते हुए फूल से
शिक्षक को गर्व होती है अपने छात्र और स्कूल से
छात्र से हो जाती है यदि कोई काम भूल से
तो वे चूकते नहीं पीटने डस्टर व रूल से !
- एस के नीरज
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