Friday, August 30, 2019

उत्तराखण्ड रूद्रप्रयाग से कवि कालिका प्रसाद सेमवाल की रचना- प्यार  ही धरोहर है

1--कवि का नाम-कालिका प्रसाद सेमवाल
2-शीर्षक-प्यार  ही धरोहर है
3-सम्पर्क -8171208350
4-राज्य -उत्तराखण्ड रूद्रप्रयाग

प्यार ही धरोहर है
**************
प्यार अमूल्य धरोहर है
इसकी अनुभूति
किसी योग साधना
से कम नहीं है,
इसके रूप अनेक हैं
लेकिन
नाम एक है।

प्यार रिश्तों की धरोहर है
और इस धरोहर
को बनाये रखना
हमारी संस्कृति
एकता  और अखंडता है ,
यह अनमोल है।

प्यार
निर्झर झरनों की तरह
हमारे दिलों में
बहता रहे
यही जीवन की
सच्ची धरोहर है। में

प्यार
उस परम पिता परमात्मा
से करें
जिसने हमें
जीवन दिया है,
इस धरा धाम पर
हमें प्रभु ही लाते हैं।

प्यार
उन बेसहारा
बच्चों से करें
जो अभाव का जीवन जी रहे हैं
जो कुपोषण के शिकार हैं
और जो अनाथ है

आओ
हम सब संकल्प लें
हम सभी के प्रति
प्यार का भाव रखेंगे
किसी के प्रति
गलत नज़रिया
नहीं रखेंगे,
तभी मनुष्य जीवन सफल हो सकता है।
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कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार
रूद्रप्रयाग उत्तराखंड

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