Monday, July 8, 2019

अपडेटेड वर्जन (लघुकथा) Updated Version (Short Story) written by Pukhraj Yadav Praaj

वृद्धाश्रम के मेनगेट के सामने मर्सिडिज कॉर रूकी। ८० वर्षीय एक व्यक्ति अपने समान के साथ उतरा,वृद्धाश्रम में दाखिल हुआ। दो घंटे बाद आश्रम के मैदान के किसी कोने लगे बेंच पर किनारा पकड़े वही वृद्ध अपने रिटायरमेंट से पहले के दिनों को याद करके रो रहा था।
     तभी सामने टहल रहे, एक और वृद्ध ने कहा - "ओहो... भाई लगता है, आप आज भी अमोल पालेकर के टाईम में जी रहे हो। दुनिया अपडेट हो चुकि है...!!! ये जनरेशन जो है... स्टेटस, सोशल मीडिया और लाईक वाली है। यहां तुम जैसे आऊट डेटेड माल को यहीं(वृद्धाश्रम में)फेक कर चली जाती है। फालतु का रोना धोना छोड़ो और तुम भी अपडेट हो जाओ...ड्यूड...और चिल्ल करो...!!"

               ✍पुखराज प्राज
                 9977330179

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