विधा -दोहा
🌹ममता 🌹
माँ ममता ही बाँटती, देती आशीर्वाद ।
बदले कुछ नहि चाहिए, रखना बेटा याद ।।
माँ की ममता मानिए, शीतल सुखद बयार ।
आँधी तूफाँ क्या करे, जब हो माँ रखवार ।।
माँ ममता की धार है, माँ ही तीरथ धाम ।
हे जननी ममतामयी, सौ सौ कोटि प्रणाम ।।
धूप भरी यह जिंदगी, माँ ममता की छाँव।
उनकी ममता के तले, लगते सुन्दर गाँव।।
माँ की ममता से बड़ी, चीज नहीं अनमोल।
किसी चीज में दम नहीं, जो ममता दे तोल।।
केवरा यदु "मीरा
राजिम
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