Thursday, June 27, 2019

तै हँसे तो by प्रदीप साहू "कुँवरदादा"

            

तैं  हँसे तो लागे  जइसे मीठ कोइली बानी।।
मया  हाबे तोर बर मोला  घात गजब रानी।

नाव  तोर  गोरी मोरे , हिरदे  मा  छप  गेहे।
मोहनी  सुरतिया  तोरे , आँखी मा बस गेहे।
आँखी आँजे तैं काजर,घनघोर घटा  जानी।
तैं  हँसे तो लागे  जइसे  मीठ कोइली बानी।।

घात  सुघ्घर  लागे  तोर  खोपा  के गजरा।
भुइँया ले झूलत तोर लाली चोली अच्छरा।
बइहा मोला  बनाये   तोरे  होंट  रसखानी।
तैं  हँसे तो लागे  जइसे मीठ कोइली बानी।।

मन ला मोर भाये  तोर माथ के टिकुलिया।
गर मा सोहत लकलक ले  हार नौलखिया।
चटक-मटक रेंगना तोरे  नखरा  बचकानी।
तैं  हँसे तो लागे  जइसे मीठ कोइली बानी।।

गीतकार :- प्रदीप साहू "कुँवरदादा"
             ग्राम-सोनेसिल्ली (राजिम)
              सम्पर्क-7697777356

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