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*आज के दिन हे पावन पावन*
*सब के मन हा लागे भावन*
*बने श्रद्धा भाव से सब माई लोगन रखे निर्जला के उपवास हे*
*भगवान के आशीर्वाद बने मिलहि हाबे वोला आस हे*
*एकादशी के सुघ्घर दिन मा लगथे मेला*
*जगह जगह लगे हावे गुपचुप के ठेला*
*जिनिस जिनिस के खई खजानी*
*देखे में आ जाथे मुँह मा पानी*
*झूला के मजा लेवत हे जम्मो संगवारी मन*
*अउ कही नई मिल पाए इसने अपनापन*
*दीदी माई मन टिकली फुंदरी आनी बानी बिसावत हे*
*बबा हा होटल में भजिया अउ समोसा खावत हे*
*भारी बिटोवत हे लइका हर अपन ददा अउ दाई ला*
*रसगुल्ला जलेबी अउ खाबो चोकोबार दूध मलाई ला*
*नानकुन टुरी मन के घलो भारी फरमाईस हे*
*पुतरी ,फुग्गा, जूती सेंडल अउ आनी बानी लेवाईस हे*
*अइसन मेला हा सब के मन ला भावत हे*
*आज दिन मेघ राज हर रही रही पानी ला बरसावत हे*
*निर्जला एकादशी के महिमा हा अपार हे*
*बस जिनगी जिये के सार हे*
*झन भुलाहु संगवारी मेला मड़ई तीज त्यौहार हे*
*छतीसगढ़ी बोली भाखा इही हमर आधार हे*
*जय जोहार जय छत्तीसगढ़ जय जय गुरुदेव*🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
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