Sunday, June 2, 2019

तुलसी by  कवि.कमलेश कौशिक

जिस घर में तुलसी होती है।
वह घर है स्वर्ग समान।।
     तुलसी के आगे नतमस्तक।
      हो गए हैं भगवान।।

पतित पावन पतिव्रता।
प्रभु की परम पूजारन थी।।
    नेक विचार सद्भभावना मन में।
     पवित्र नारी की उदाहरण थी।।
युगों युगों तक नाम हो गुंजित।
श्री हरि ने दिया वरदान।।
     जिस घर में तुलसी होती है।
      वह घर है स्वर्ग समान..
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸

छल से रूप धरा जालंधर का।
प्रभु ने जग का करने काम।।
    क्रोधित हो श्राप दिया वृंदा ने।
    प्रभु बन गए तब सालिगराम।।
आयुर्वेद में दिव्य औषधि।
संजीवनी बूटी सामान।।
    जिस घर में तुलसी होती है।
    वह घर है स्वर्ग समान।।

🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

सकारात्मक ऊर्जा लेकर आती।
हर घर आंगन को महकाती।।
    निर्मल स्वच्छ वायु को रखती।
    कई रोगों को दूर भगाती।।
गुणों की कई भंडार है तुलसी।
करू श्रद्धा से सम्मान।।
जिस घर में तुलसी होती है।
वह घर है स्वर्ग समान।।
💐💐💐💐💐💐💐

   ✍रचनाकार..
  कवि.कमलेश कौशिक
      😃कठलहा😃

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