Friday, June 21, 2019

चलो योग करें by रचनाकार श्रवण कुमार साहू",प्रखर" (Shrawan kumar Sahu)


तन का मन से।
मन का धन से।।
धन का जीवन से।
जीवन का अर्पण से।।
अर्पण का समर्पण से।
समर्पण का अर्चन से।।
अर्चन का वंदन से।
वंदन का अभिनंदन से।।
चलो योग करे।👏🏼👏🏼
जगत का जीव से।
जीव का जीवन से।।
जीवन का प्रकृति से।
प्रकृति का संस्कृति से।।
संस्कृति का संस्कार से।
संस्कार का व्यवहार से।।
व्यवहार का विचार से।
विचार का संसार से।।
चलो योग करें।।👏🏼👏🏼
व्यक्ति का  शक्ति से।
शक्ति का भक्ति से।।
भक्ति का भाव से।
भाव का भावना से।।
भावना का कामना से।
कामना का शुभकामना से।।
शुभकामना का दृष्टि से।
दृष्टि का सृष्टि से।।
सृष्टि का ब्रम्ह से।
ब्रम्ह का परब्रह्म से।।
चलो योग करें।।👏🏼👏🏼
✒रचनाकार
श्रवण कुमार साहू",प्रखर"
राजिम, गरियाबंद(छ. ग.)

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