आके देख मेरा दीवाना पन ।
ओ साँवरे न अनजान बन।।
तेरे लिये सारा जग छोड़ा
तुमसे कान्हा नाता जोड़ा।
खिल गया मेरा दिल चमन ।।
ओ साँवरे न अनजान बन।।
हो गई मीरा तेरी दीवानी
सारी दुनिया से बेगानी
भा गया मोहन तेरा बाँक पन ।।
ओ साँवरे न अनजान बन।।
चुन चुन कलियाँ हार बनाऊँ
हाथों से गल हार पहनाऊँ
पाँव पायल बाँधू झुम झनन ।
ओ साँवरे न अनजान बन।।
प्रीत में तेरी झूम के नाचूँ
रंग में तेरे तन मन राचूँ
ले इकतारा गाऊँ भजन
ओ साँवरे न अनजान बन।।
आके देख मेरा दीवाना पन ।
ओ साँवरे न अनजान बन ।।
केवरा यदु "मीरा "
राजिम
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