जिला: रायपुर ।
राज्य: छत्तीसगढ़ ।
विषय: पोला ।
शीर्षक: पोला पर्व ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
संपर्क: 6264189643
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पोला पर्व
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किसानों का खुशियों से भरा पर्व--
अनाजों में जहाँ, आए गरभ ,
पशुधन का बड़ा है महत्व ।
बैल पोला पर्व में होता--
बैलों को नहला-धूलाकर सजाते,
उसकी ईश्वर तुल्य, पूजा करते ।
इस का आनंद बच्चे भी उठाते--
मिट्टी के नादिया की पूजा करते,
घर-घर घुमा,उपहार व पकवान पाते।
आज के दिन किसानो का होता--
बैलों की दौड़ में भाग लेते ,
ठेठरी,खुरमी,चाकोली नमकीन होता।
बाजार भी खूब सजते--
मिट्टी के खिलौने बिकते,
चकिया,हँडिया,चूल्हा बच्चे लेते ।
आमजन भी इस पर्व को मनाते--
मिट्टी या लकड़ी के नादिया लाते,
पकवानों का भोग, पूजा भी करते ।
तेलांगना,कर्नाटक,महाराष्ट्र--
मध्यप्रदेश ,छत्तीसगढ़ में पर्व,
भाद्र अमावस्या को हर्ष से मनाते ।
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मौलिक रचना,बोरियकला, रायपुर ।
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