जिला राजनांदगांव
राज्य छत्तीसगढ़
विषय शूरवीर
शीर्षक शूरवीर
विधा कविता
मोबाइल नंबर 9165674670
हमारा भारत देश
एक जमाना ऐसा था कि व्यापार से फल फुल था देश ।
व्यापारियों के रूप में अंग्रेजों ने गुलाम बनाया हमारा देश ।।
हमारा देश गुलाम था अंग्रेजों का राज था ।
हिंदुस्तानी गरीब को सताना अंग्रेजों का शान था ।।
अंग्रेजों ने पश्चिमी शिक्षा का भारत में प्रचार किया ।
इस शिक्षा से भारतवासी अंग्रेजों का नीति जान लिया ।।
भारत के वीर जवानों ने अपना ताकत मजबूत किया ।
अंग्रेजो को भगाना अपने मन में ठान लिया ।।
सन 1857 में झांसी वाली रानी आई ।
अंग्रेजों के साथ लड़कर दी उसने अपनी कुर्बानी ।।
1857 में छत्तीसगढ़ के वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया।
रायपुर के मोती बाग चौक में भारत माता को बलिदान दिया।। बैरंक पुर के मंगल पांडे ने बगावत की झंडा गाढ़ दिया ।
इस अकेले वीर जवान को अंग्रेजों ने फांसी दे दिया ।।
सन 1885 में राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की ।
सब कांग्रेसियों ने मिलकर औप निवेशिक स्वतंत्रता की मांग की।।
कांग्रेसियों की उदारता देखकर अंग्रेजों ने उसको धोखा दिया। अंग्रेजों की इस नीति को देखकर उग्रवादियों का उदय हुआ।। उग्रवादी की तीन नेता लाल बाल पाल हुए ।
इन तीनों ने मिलकर अंग्रेजों का हाल-बेहाल किये।।
सन 1907 में अंग्रेजों ने कांग्रेसियों में फूट डाली।
एकता में फूट डालकर लाल बाल पाल की हत्या करा दी ।।
खुदीराम बोस ने मुजफ्फरपुर में एक घोड़ागाड़ी में बम फेंकदिया। मात्र 19 वर्ष की आयु में अपना प्राण गवा दिया ।।
बिस्मिल अशफाक रोशन लाहड़ी ने सरकारी खजाना लूट लिया। भारत माता की खातिर चारों फांसी में झूल गया ।।
चंद्रशेखर भगत सिंह ने अंग्रेजों की बैठक में बम फेंक दिया। इंकलाब जिंदाबाद कह कर धरती मां को बलिदान दिया ।।
सन 1944 में बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया ।
अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते वसुंधरा में निवास किया ।।
15 अगस्त 1947 में गांधी ने भारत को आजाद कराया ।
30 जनवरी 1948 में रामकहकर भारत माता को गले लगाया ।।
इन सभी शूरवीरों के कारण भारत देश आजाद हुआ।
फिर स्वतंत्र भारत में स्वतंत्र नीति का आगाज हुआ।।
जय हिंद
No comments:
Post a Comment