Wednesday, August 21, 2024

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद 'प्रिय' की रचना- राखी के अटूट बंधन

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- रक्षाबंधन 
शीर्षक- राखी के अटूट बंधन
विधा- छंद मुक्त 
संपर्क- 7974389033

प्रिय  कहे  पुकार  के  आओ  बहना  आज।
इस पावन त्योहार में भाई की कलाई साज।।

माथे पर तिलक लगाओ सजाओ भाई का हाथ।
रब के आर्शीवाद से भाई-बहन रहें साथ।।

भाई इस विश्वास से खुशियाँ पाएँ अपार।
बहना  मेरी  खुश  रहे उम्र  बढ़े  हजार।।

बहन का रक्षक बनूं दुख न आये पास।
बहन का प्यार है भाई के लिए खास।।

बहन घर में होने से  लगता नहीं  वीरान‌।
बहन के विदाई से घर हो जाता सुनसान।।

बहन के दुख हरूँ प्रिय नहीं रहो अनजान।
 बन सकूँ सच्चा भाई  एक ही सौ के समान।।

ऐसे  पावन   रिश्ते  से  महक  रहा   संसार।
भाग्यशाली भाई हूँ जिसे मिला बहना का प्यार।।

आओ मिलकर मनाएं आज राखी का त्योहार।
भाई-बहन खुशियाँ बाँटें यही जीवन का सार।।

         ✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
         ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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