जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, रक्षाबंधन
शीर्षक, राखी की थाल,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
सावन पूर्णिमा,तौहार,
है राखी,भाई-बहन,का
एक दूजे के जानेसार,
प्यार का अनुभूति अपार।।
चाहे दूर या पास,मनाते
साथ-साथ,सस्नेह,पात
बहना सजाती राखीऔं
से भरा थाल,नारियल।।
उसमें रोली,मोली,मीठा
भाई की कलाई,राखी,
प्यार-दुलार का भाव,
निःस्वार्थ भाव,प्रभावी।।
भाई देता तोहफ़ा,मुरार
मीठा खिलाते परस्पर,
यादगार लम्हा है सुन्दर
हर साल आता,मनोहर।।
कितना सुहाना है परव,
भाई-बहन के प्रीति,का
जाज्वल्यवान,पवित्र,है
रिश्ता,सालों से चलन।।
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