जिला- कोरबा (छ.ग.)
विषय- कमर छठ
विधा- छंद कविता
ऐ कमर छठ तिहार, कामना पूरा करथे।
जीयय लइका लोग, पीर तन मन के हरथे।।
षष्ठी भाद्र तिहार, पाख अँधियारी आथे।
लइका बर उपवास, राख दाई ल सुहाथे।।
देवय खूब असीस, पोतनी उमर बढा़वय।
बाटी भौंरा नाव, तीर सगरी म चढा़वय।।
डारा पाना टोर, आज पतरी ल बनाहीं।
छठ धर भाँजी साग, भात पसहर के खाहीं।।
दूध दही घी भइस, आज दिन पूजा करथें।
लाई महुआ फूल, संग जल सगरी भरथें।।
मया करय भरपूर, मान ऐ प्रकृति ल देवव।
सदा रहौ खुशहाल, फूल फल सब दिन लेवव।।
रामकली कारे
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