जिला: रायपुर ।
राज्य: छत्तीसगढ़ ।
विषय: संगम ।
शीर्षक: संगम ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
मोबाइल: 6264189643 ।
दिनांक:20/8/24,मंगलवार ।
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संगम
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दो नदिया, दो दिलों का हो मिलन - --
वो आयाम कहलाता है संगम ।
दो शब्दों से मिल बना, नया शब्द--
देता वह नवीनता का एक संकेत ।
धरती से आकाश का अनूठा मिलन--
शब्द-अर्थ की नई उपमा है क्षितिज ।
संगम स्थलों पर बसे पवित्र धाम--
हरिद्वार, प्रयागराज हैं जिनके नाम ।
प्राकृत सुन्दरता है कई युग्मों का संगम
जल जंगल जमीन हैं सत्यता के रूप ।
पड़ोसी देशों की आपसी मित्रता --
है ,शांति व सौहार्द्र का मिले संगम ।
स्वादिष्ट भोजन में,मसाले का संगम--
भोजन गुणवत्ता की है पहचान ।
नवसृजन की परिणति है संगम--
जीवविज्ञान बताये ऐसा ज्ञान ।
मिलते जहाँ विचारों के संगम--
मानव प्रगाढ़ता को मिले मजबूती ।
औषधीय तत्वों का गुणीय संगम--
मर्ज़ सुधार की बने वह औषधि ।
संगम शब्द की महिमा अपार है--
जिसने जाना-समझा, वो महान है ।
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***मौलिक रचना ***
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