जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, काव्यधारा,
शीर्षक, काव्यधारा,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
मानव है विवेकशील प्राणी,धन,
प्रभु के कृपा से मिला तन,मन,
विचार,वुद्धि का भी है संगम,
काव्य,कविता,गीत का कर उद्गम।।
रामायण,गीता,हनुमीन,चालीसा
आदि काव्यधारा,उषा सदृशा,
जिससे शिखर तक पहुँच हम,
भारत के कविऔं ने लिखा,राम।।
कल,आज,कल के लिऐ संग्रह,
ज्ञान-विज्ञान में भी है सहाय,
कविता,गीत का बड़ा,काव्य,
काव्यधारा को संगीत में पिरोना।।
यह भारतीय फनकार,आशय,
संगीत,साधना से रूप,काव्य,
धारा सम गतिशील,अभय,
विश्ववासी है स्तब्ध देखी,विकास।।
चहुंओर काव्यात्मक प्रचलन,
भारत का बढ़ाता मान,प्रसुन,
इतना तरक्की और नहीं दुजा,
भारत काव्यधारा का सरिता।।
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