जिला,मुंगेली,
राज्य, छःगः,
विषय, व्यथा,
शीर्षक, व्यथा,
विधा कविता,
मोबाइल नंबर, 9981830087,
परिवर्तन है सार जीवन
कभी सुख कभी व्यथा
अपनों का बिछड़ना में,
आर्थिक संकट,वेरोजगारी।।
संतान का दुख ,व्यथा,
महंगाई,भ्रष्टाचार भी,
प्राकृतिक आपदा हो,
तब भी मन में रहे व्यथा।।
ऐसे में एक दूसरे को,
देना चाहिए साथ,समन
धीरज धराना भी पुण्य,
कम होगा जरूर व्यथा।।
सामाजिक सहायता हो
एक दूसरे का बनना है,
पूरक,सहयोगी,हो तब,
व्यथा का निवारण,सबब।।
मानव ईश्वर का श्रेष्ठ है,
सृजन, ली॓ऐ दिल,मन,
दूर करने की कोशिश,
देगा व्यथा में अंकुश।।
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