Saturday, June 22, 2024

रायपुर से हरमन कुमार बघेल हरमन की रचना योग ही रामायण दवा

रचयिता -- हरमन कुमार बघेल *(हरमन)*
ब्लॉक--आरंग
जिला --रायपुर
राज्य --छत्तीसगढ़
विषय- कविता
शीर्षक- *योग ही रामबाण दवा*
विधा--मुक्तछंद(देश भक्ति)
मो.-९७५३१६४८८५
दिनांक-२१जून

         *योग*

आ रहा इक्कीस जून ,बताओ क्या है खास।
विश्व योग दिवस मनायेंगे,मिलकर करेंगे योग पास।।

कहते है साधु-संत,योग करने से रहता मुक्त रोग।
न ही बीमारी घर बनाता,शरीर रहता सदैव निरोग।।

योग करने के और भी फायदे,न बनते निकम्मा लोग।
सूरज सा दमक रहता चेहरे,चाँद सा शीतलता है भोग।।

तेज बनी रहती ललाट में, है कितने चमत्कारिक योग।
जीवन बेहतरीन जीना है ,तो करो रोज कुछ-कुछ योग।।

आदि से अनन्त किये , हमारे ऋषिगण योग ही योग।
हजारों वर्षों का जीवन ग्रहण, किये है ये करके योग।।

आज भी मिशाल बन करके,कर रहे है हमारे लोग योग।
विश्व मानचित्र में जीवन रेखा ,खींचकर कर रहे है लोग।।

भारत अपना कई इतिहास रचा,विश्व गुरु बने है हम लोग।
इतिहास के सुनहरे पन्ने लिखकर,दिखाया है मुनि लोग।।

योग की अपनी शैली,चिकित्सक आश्चर्य हुये घनघोर।
हजारों रोगों की एक ही दवा,हैरत है विश्व के चितचोर।।

यह दवा दी भारत भारतीयों ने,ऋषि-मुनियों का है योग।
विश्व आज राह पकड़ लिया,मुक्त की दवा-दारु है योग।।

चाहे ला-ईलाज हो बीमारी,हटते जटिल संकट भरी रोग।
योग ही मुफ्त रामबाण दवा,स्वीकारा विश्व के सभी लोग।।

विज्ञान भी नतमस्तक हो गया ,कैसे करता रोग मुक्त योग।
विज्ञान, वैज्ञानिकता से कहा,चिकित्सक सभी करो योग।।

हरमन करता है योग ,हरमन रहेगा इसी से निरोग।
हरमन पुकारता सभी को,दिनचर्या हो कुछ पल का योग।।

सुबह की ताजी हवा,ऋषि-मुनि कहते लाखों की दवा।
साथ हो योग तो सोने पे सुहागा,यही है करोड़ो की दवा।।



                       गीतकार/रचनाकार/साहित्यकार
                             हरमन कुमार बघेल
                                  व्याख्याता
                              आरंग - रायपुर
                                 छत्तीसगढ़

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