ब्लॉक--आरंग
जिला --रायपुर
राज्य --छत्तीसगढ़
विषय- कविता
शीर्षक- *हन में देश भक्ति की जज्बा है*
विधा--मुक्तछंद(देश भक्ति)
मो.-९७५३१६४८८५
दिनांक-२०जून
*जज्बा*
अगर मोहब्बत हो तो बे-हिसाब हो,
तिरंगे के सम्मान में अपना जहान हो,
भारत माता का शिश सदैव ऊँचा हो,
शत्रुओं व आक्रमणकारी सदा नीचा हो।।१।।
हम तो भारत माता के बेटा हिन्दूस्तानी,
दुश्मनों को वक्त-वक्त है मजा चखानी,
हमारी हिम्मत ये शत्रुओं ने कहाँ पहचानी,
वरदानी बेटा मेरा रक्षा करता हिन्दूस्तानी।।२।।
भारत की सरजमीं पर आजादी है,
तिरंगे की शान-ए-शौकत हमारी है,
कहाँ से शैतान-ए-दरिंदा हमारे है,
मौत के ए-राह खदेड़े भी हमने ही है।।३।।
राह है हमारे सारे जहान में शांति की,
हमें पसंद भाईचारे,मित्रवत राह की,
मौका देता सम्हलने जनाधार हिन्दूस्ताँ की,
नहीं को हाँ करके दिखाता सैनिक हिन्दूस्ताँ की।।४।।
मेरा देश कभी न किसी पर आक्रमण किया,
न ही किसी पर बुरी नजर रख दुश्मनी किया,
तिरंगा हमारी मान माँ भारती का ही पूजा किया,
सोने की चिडिय़ा तभी तो फिरंगियों ने नाम दिया।।५।।
हरमन के मन में देश भक्ति की जज्बा है,
हरमन में देश भक्ति की जज्बा भरना है,
जय हो माँ भारती हिन्दूस्ताँ जिन्दाबाद है,
जिन्दाबाद रहेगा हिन्दूस्ताँ जिन्दाबाद है।।६।।
रचनाकार/कलमकार/साहित्यकार
हरमन कुमार बघेल
व्याख्याता
आरंग - रायपुर
छत्तीसगढ़
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