जिला -रायगढ़
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- बरखा
विधा- कविता
संपर्क नंबर- 930 329894
दिनांक -26.6.2024
*बरखा*
रिमझिम रिमझिम पानी बरसे ,
आई बरखा आई रे ।
लभ लभा लभ खेत खलियान
भरे तालाब बहे नाली रे।
काली घटा घनघोर उमड़े,
चमक बिजली चमके रे।
टप टीप टप टीप बूंद बरसे,
धरा की मिट्टी महके रे।
घुड़ुर -घुड़ुर बादल गरजे,
झमझमाझम बरसे पानी रे।
टर्र- टर्र ,टर्र-टर्र मेंढक बोले,
झीगुर बोले बानी रे।
कल- कल- कल -कल नदी बहे,
झर -झर बहे झरना रे।
खेत खलियान हरियाली छाये,
हम सबके मन मोहे रे।
आओ सब मिलकर खुशी मनाएं,
आया है बरखा बहार रे।
सबकी प्यास बुझाये बरखा,
सभी का मन तृप्ति पाये रे।
स्वरचित रचना
उर्मिला सिदार "उर्मी"
बुलाँकी रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
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