Friday, May 10, 2024

बेमेतरा से दिलीप टिकरिहा "छत्तीसगढ़िया" की रचना- पुतरी-पुतरा के बिहाव

कवि    - दिलीप टिकरिहा "छत्तीसगढ़िया"
जिला  - बेमेतरा
राज्य   - छत्तीसगढ़
विषय  - अक्षय तृतीया
शीर्षक - पुतरी-पुतरा के बिहाव
विधा   - मुक्तक
संपर्क  - पिरदा (भिंभौरी), बेरला-बेमेतरा
              9753304788

*होथे अक्ति बिहाव, अजी पुतरी-पुतरा के |*
*सगा-पहूना खेल, बनावँय घर लुगरा के ||*
*टीपा सुघर बजाय, बजनिया बन सब नाचँय |*
*आये हवय बरात, भड़ौनी मिल सब गावँय ||*
*माटी-माटी के जिनिस, परय टिकावन जान जी |*
*नोनी-बाबू संग मा, पावय मजा सियान जी ||*

दिलीप टिकरिहा "छत्तीसगढ़िया"

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