ब्लॉक--आरंग
जिला --रायपुर
राज्य --छत्तीसगढ़
विषय---कविता
शिर्षक---पर्यावरण
विधा--छंदमुक्त
मो.-९७५३१६४८८५
दिनांक ३१ मई
*पर्यावरण*
लोग सुनाते अपनी कहानी,मैं सुनाता अपनी पेडों की।
आज कितने पेड़ लगाये,या फिर सिर्फ तस्वीर बनाने की।।
ऐसे कई महान अनुभूतियों के, ऐसे पेड़ रोपण छबि की।
ये दुनिया को दिखाते,पौध रोपण करते अपनी छबि की।।
संरक्षण सुरक्षा भी तो बनता,दायित्व अपना व अपनों की।
पेड़ वरदान है भाईजी!जो हमें प्राणवायु देता जीवन की।।
मिलकर हो संकल्पित सभी, वचन देना पेड़ रोपण की।
जैसे जीवन चलता अपना,वैसे जीवन चले पेड़-पौधो की।।
जीवन में प्रभाव होता ,कई पर्यावरण इर्द-गिर्द चीजों की।
किसको हम संजोते,कितनो को करते हम सम्भालने की।।
पर्यावरणीय बात करते हम,प्राकृतिक संसाधन सुरक्षा की।
झिल्ली,रसायनिक,पेड़ कटाई, मिलकर हो बंदिश करने की।।
गंगा,यमुना,गोदावरी,सरस्वती,ये है जीवन दायनी रेखा हम सब की।
इन्द्रावती,महानदी,कृष्णा,कावेरी,प्राण पिपासा बुझाती हम सब की।।
विश्व पर्यावरण दिवस मनाये, हम सभी मिलकर जी।
संरक्षण,सुरक्षा का संकल्प ले,हम सभी एक-दूजे जी।।
हरमन हो संकल्पित,हरमन करता सभी को संकल्पित जी।
इस महान यज्ञ में, सभी दे यज्ञ आहुति पर्यावरण सुरक्षा का जी।।
हरमन कुमार बघेल
(*हरमन*)
आरंग जिला-रायपुर
छत्तीसगढ़
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