Friday, October 27, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद 'प्रिय' की रचना- महिषासुर मर्दिनी

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- पापियों का संहार 
शीर्षक- महिषासुर मर्दिनी
विधा- दोहा छंद
संपर्क- 7974389033

खुशियाँ  इतनी  दीजिये,गम  में  खुशी  समाय।
दीन-हीन न कभी रहूँ, मात खुशी दे जाय।।1।।

नाम  धर्म  के  कभी,मानव  को  मत  लूट।
गलत करे सब कर्म हैं , नहीं पाप की छूट।।2।।

माता  रानी  से  हमें,मिलते  सुंदर  ज्ञान।
बन महिसासुर मर्दिनी , करे पाप संधान।।3।।

दुष्टों   के   संहार   से ,मिट   जाता   है   पाप।
करे क्रोध बस नाश है , क्षमा करें बस आप।।4।।

प्रिये नहीं कमजोर है,कहते नहिं कुछ और।
हरपल माँ देती रहे, भक्तो को तू ठौर।।5।।

करुँ निवेदन आपसे, हाथ सदा प्रिय जोड़।
पार लगाना आप ही, चाहे जो हो मोड़।।6।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...