नाम- हिम्मतसिंह अरमो " अरमान " ।
जिला -- रायपुर ।
राज्य-- छत्तीसगढ़ ।
विषय - सितारे ।
शीर्षक- पारखी नज़र ।
विधा - छंद-मुक्त कविता ।
मोबाइल-6264189643 ।
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*** पारखी नज़र ***
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सौर मंडल में कितने सितारे हैं--
जिसकी चमक आकाशगंगा है ।
मुफलिसी में पलते कई सितारे हैं--
हुनरमंद होते हैं पर पहचान नहीं है ।
पारखी नज़र ने ढूंढा कई सितारे हैं--
हर विधा में हैं बस एक रोशनी चाहिये।
जैसे छिपा मिलता कोयले में हीरा --
बस उसे जौहरी की तलाश है ।
सितारे टूटकर बिखर जाते हैं--
जमाने की ठोकर उल्का बना देती है।
दयावान पारखी नज़र से पहचानता--
गरीब बच्चों को सितारे बना देता ।
सितारे हुनरबाज होते या बनते हैं--
जो समय के साथ निखार लाता है,
वही चमकता सितारा बनता है ।
गुरूर ना करना अपने हुनर पे --
समय के साथ बिखरते देखा है ।
आओ सितारे की तरह रोशनी दें --
गिरते को सम्हालने मदद कर दें ।
सितारे सी चमक लाने के लिए--
मेहनत की भट्टी में जलना होता है ।
जीवन में संघर्ष और प्रतिफल जाना--
वही दुनिया में एक दिन सितारा बना ।
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