कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- नागपंचमी
शीर्षक- नागपंचमी का पर्व
विधा- दोहा छंद
संपर्क- 7974389033
नाग साँप श्रृंगार से, गला सजा है आज।
शिव शंकर पर सदा ही, भक्तों को है नाज।।1।।
नागपंचमी पर्व में, झूमे सारे लोग।
शिव की करना साधना, हरदम मिलता भोग।।2।।
दूध रखो तुम खेत में, साँप का करो मान।
नागपंचमी जीवन को, देता है पहचान।।3।।
सुंदर भोले नाथ से, सबको मिलता ज्ञान।
दिन-रात करके परिश्रम,बने शिष्य विद्वान।।4।।
पवित्र पावन मास में, लेते हैं शुभ नाम।
हिन्दू धर्म के पर्व में, प्रिय चल बाबा धाम।।5।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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