Sunday, August 27, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद 'प्रिय' की रचना- न्याय के देवता शनिदेव

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- शनिदेव 
शीर्षक- न्याय के देवता शनिदेव 
विधा- छंद मुक्त कविता
संपर्क- 7974389033

सूर्य  छाया  के  पुत्र  है, कृपा  करो  शनि  राज।
श्री शनिदेव दु:ख हरो, मंगल करिए काज।।1।।

जय जय  श्री शनिदेव  का, मंगल  करो  कृपाल।
श्री शनि सुन लो प्रार्थना, रखना मेरी लाज।।2।।

छाया  के  तुम  लाल  हो, भक्तों  के  प्रतिपाल।
कुदृष्टि से जब देखते, बढ़े दु:ख विकराल।।3।।

घर-घर   में   शनिदेव   का, पूजा   होता   रोज।
कौआ के सवारी कर, दिखे शनिदेव ओज।।4।।

भोला  के  वरदान  से, जग  में  करता  न्याय।
सुंदर शनि के धाम में, होता नहीं अन्याय।।5।।

पीपल  जलाभिषेक  से, मानव  सुख  को  पाय।
तिल लड्डू,चना,तेल से, श्री शनि दुख ले जाय।।6।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...