जिला-रायपुर ।
राज्य- छत्तीसगढ़ ।
विषय- हरियाली त्योहार ।
शीर्षक- कृषक मुस्कान ।
विधा- छंद-मुक्त कविता ।
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शीर्षक- कृषक मुस्कान --
आ गए रे अषाढ़, सावन का महीना--
खेत-खार के बुता शुरू हो जात है ।
हल-बक्खर, बीज-बोनी, धान बीज--
बैला तुतारी और खुमरी का साथ ।
सावन का महीना और धान की रोपाई,
खेतों में कीचड़ में रोपा की लगाई ।
बरसात के मौसम में खेला करते--
गेड़ी, भौंरा व बिल्लस गाँव के खेल ।
हरियाली में जानवरों को दवा पिलाते-
बैगा जंगल से जड़ी-बूटियों को लाते ।
घर को बुरी बलाओं से बचाने--
द्वार और गेट में नीम पत्ती हैं लगाते ।
किसान खेती के औजारों को पूजते--
अच्छी फसल आये वो नाचते-गाते ।
हरियाली त्योहार प्रकृति का उत्सव--
वृक्षारोपण कर को हरित हैं करते ।
सुदूर जनजातीय अंचलों में खुशी--
धरती का मान करमा नाच से करते ।
ये पर्व जन में स्वास्थ्य सजगता जगाते
होने वाली मौसमी बीमारीे से बचाते।
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मोबाइल- 94252-- 02803 ।
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