कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- मोहब्बत
शीर्षक- मोहब्बत
संपर्क- 7974389033
परमानंद के दीवानी बनके पूनम नाचे सुबह-शाम।
पूनम हुई दीवानी है करती है मुझको बेहद प्यार।
जब भी बजाये परमानंद जोर से सिटी,
परमानंद बन गया है पूनम का जीवन संसार।।
जब भी एक-दूजे प्यार से बातें करते हैं।
सुन लोगों के दिलों में जलन पैदा होती है।
परमानंद के जीवन से जब जुड़ी है पूनम,
रब के आशीर्वाद से सदा खुशियाँ मिलती है।।
सुंदर नूर बनाया है रब ने तेरा रूप।
मोहिनी रूप को देखकर प्रिय प्रेम दिखाया।
सच्चे प्रेम में पूनम ने किया सोलह श्रृंगार,
पूनम के श्रृंगार से प्रिय मोहिनी धुन बजाया।।
जब बजे पूनम की पायल की झंकार।
सुनकर परमानंद का मन हुआ गदगद।
नाचने लगी निठोरा की सारी लड़कियाँ,
प्रिय के मन को हर लड़कियाँ किया गदगद।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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