Monday, April 24, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- क्रोध व्यक्ति का शत्रु क्यों?

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- क्रोध 
शीर्षक- क्रोध व्यक्ति का शत्रु क्यों?
विधा- दोहा छंद 
संपर्क- 7974389033

हर मानव संसार के; मन में रखता क्रोध।
सुखमय जीवन जो मिला; करो नहीं प्रतिशोध।।1।।

 फैल रहा चहुँ ओर है; मानव मन का क्रोध।
मानव करे कुकर्म तो; लेना है प्रतिशोध।।2।।

पल-पल बढ़ता क्रोध से; टूट रहा परिवार।
हैवानों के आग से; जलता है संसार।।3।।

जब भी क्रोधित मन रहे; सुमरौ हनुमत नाम।
नित्य करो प्रिय वंदना; वीर भक्त हर शाम।।4।।

मानव मन से क्रोध को; दूर भगाओ आज।
हर मानव संसार के; हमपे करता नाज।।5।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...