रचनाकार-गोमती सिंह
ज़िला-कोरबा
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-पैजनियां
विधा-छंदमुक्त कविता
संपर्क नंबर-8103564763
रून झुन रून झुन स्वर लहराती
आ रही माँ!
बांधें पांव में पैजनियां ,
सुमधुर आहट दे रही हैं
आ रही माँ की नवरात्रियां ।
लाल पुष्प से लद रही प्रकृति,
चाहे तेज हो सूर्य की रश्मियाँ।
माँ की चरणों में अर्पित होंने को ,
कुसुम कर रही तैयारियाँ
रून झुन रून झुन स्वर लहराती
आ रही माँ!
बांधें पांव में पैजनियां।
-गोमती सिंह
कोरबा छत्तीसगढ़
स्वरचित मौलिक रचना।
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