कवित्री-उर्मिला सिदार
जिला-रायगढ
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-बरसात
शीर्षक-आया बरसात
संपर्क-9303298994
************************
*आया बरसात*
आया बरसात का मौसम,
धरा की प्यास बुझाई।
हरा भरा खेत खलिहान,
खेतो में फसल लहराई।
रिमझिम-रिमझिम सावन झड़ी,
बिजली चमकती घड़ी-घड़ी।
गरज- गरज कर पानी बरसे,
भीगी आँगन भीगी छानी।
टर्ट टों-टर्ट टों दादुर बोले,
रात्री में झिंगुर बोले बानी।
अनियंत्रित हो पतंगा उड़े,
आसमान घर छप्पर छानी।
भरा चहुँ ओर जल ही जल,
गली,मुहल्ला कीचड़-कीचड़।
सुर-सुर,सुर-सुर चले पुरवैया,
डोले खेत-खार, बोले चिरैया।
*************************
उर्मिला सिदार, बुलाँकी
जिला- रायगढ, छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment