Tuesday, March 28, 2023

बलौदा बाजार से परमानंद निषाद'प्रिय' की रचना- मधुर बेला

कवि- परमानंद निषाद'प्रिय'
जिला- बलौदा बाजार
राज्य- छत्तीसगढ़
विषय- मधुर बेला
शीर्षक- मधुर बेला
विधा- छंद मुक्त कविता 
संपर्क- 7974389033

मानव तू संस्कार से; कर रिश्ता निर्माण‌।
सुंदर मीठे बोल से; कर मानव कल्याण।1।

जीवन तो अनमोल है; करो सदा ही प्यार।
सूखे पत्ते बेल को; जल से तू संवार।2।

पावन रिश्ता मोल का; सदा समझ इंसान।
ना समझी के आड़ में; भूल गये पहचान।3।

मन के द्वेष भाव को; प्यार से करो पार।
मन में प्रेमिल भाव हो; जीवन होता सार।4।

आए रिश्ता तान तो; सदा प्रेम से साज।
हरपल रिश्तों नाज हो; मधुर बेला आज।5‌।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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