Thursday, March 16, 2023

रायपुर से हिम्मत सिंह अरमो की रचना- पलाश

नाम: हिम्मत सिंह अरमो ।
जिला: रायपुर ,छत्तीसगढ़  ।
शीर्षक:  पलाश  ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
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    ====।।  पलाश  ।।====
पतझड़ में भी वनों की बहार हूँ--
अंगारों से दहकते फूलों की लड़ी हूँ ।

मुझमें पलते लाख कीट --
लाख उत्पादन का भंडार हूँ  ।

मुहावरा ढाक के तीन पात--
मेरी बनी अनूठी मिसाल है ।

औषधीय गुणों की खान हूँ---
छाल का काढ़ा और जड़ दवा हूँ  ।

पत्ते से बनते दोनै व पत्तलें ---
पूजा, नाश्ता व भोजन की थाली हूँ ।

मैं बसंत की बहार हूँ--
अधजले कोयले की लगती कतार हूँ ।

होली के रंगोंत्सव की शान हूँ---
गुलाल बन चेहरे की मुस्कान हूँ  ।

चूड़ी शिल्पकार के हाथों--
लाख से बनी वस्तु नारी का मान हूँ ।

आखिर मैं आपका पलाश हूँ--
बसंतोत्सव होली की पहचान हूँ ।

मुझसा खिलना औरों को लुभाते--
इन्हीं गुणों से हम उपयोगी हो जाते ।
       ====इ ति ====

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