नाम: एच-एस-अरमो " अरमान " ।
जिला: रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक: " भ्रमर " ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
=======================
***"" भ्रमर """***
÷÷÷÷÷÷÷
भ्रमर से, फूलों का यौवन चमकता,
आता निखार,नव-पल्लवित होने के लिए, कली से फूल और फल-बीज,
ये वनस्पतियों का जीवन महकाता।।
भ्रमर, गुंजन भरा गीत सुनाता---
लता कुंज व उपवन में मंडराते,
पुष्पों के सदा,मकरंद है चुराता,
रंग बिरंगी फूलों पर, मन ललचाता।।
भ्रमर प्रेम गीत सुना कर ---
सजनी को पिया मिलन को उकसाता,
भ्रमर का फूलों से, आलिंगन करना,
प्रेमीयों में, वो प्रेमिल भाव है जगाता।।
जीवन पथ पर, भ्रमर का माधुर्य--
मदहोश कर, खुशियाँ है दिलाता,
अपने चटक मखमली नीला बाना,
सबके मन को, है ललचाता--।।
सबके जीवन में, भ्रमर गुंजन-सा--
दिल में एहसास कराते जायें,
अपने सेवा प्रतिदान, सहयोग से,
भ्रमर जैसे,नवसृजन दे जायें--।।
°°°°°°°°°°°°<<>>°°°°°°°°°°°°°°°
No comments:
Post a Comment