Sunday, January 22, 2023

रायपुर से एच-एस-अरमो "अरमान " की रचना- नारी

नाम :एच-एस-अरमो "अरमान " ।
जिला: रायपुर, छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक:  नारी  ।
विधा: छंद-मुक्त कविता ।
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            ÷÷।। नारी  ।।÷÷
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बेल सी जिंदगी है मेरी--
मैं हूँ एक नारी  ,
किसी परिचित की मोहताज नहीं, 
माँ के रूप में बनी घर की हूँ धुरी।।

मेरे हैं रूप अनेक--
मैं ही देवी, माँ,पत्नी और बहन,सुता,
पूजा,सम्मान की परिभाषा जो बनता ,
फिर इन्हें मान क्यों नहीं अब मिलता।।

अपने हक की लड़ाई, लड़ना पड़ा--
इतिहास के पन्नों में वीरांगना है जुड़ा,
फिर भी समाज में स्थान है अधूरा, 
ज्ञान से अपने सपनों को करें पूरा।।

घर-परिवार,कुल की शान है नारी--
भ्रूण हत्या कर बनते तुम अपराधी, 
बेटी ही दो परिवारों की हितकारी, 
बेटी काबिल हो तो महके फुलवारी।।

देश का मान बढ़ाती है नारी--
लिंग-भेद को मिटाने है अब बारी,
कौशल,ज्ञान से,जताती हक़दारी, 
समानता रखें,यही है समझदारी ।।

नारी रहेगीं, तभी सृष्टि बढ़ेंगी--
सर्व-समाज को बतानी होगीं,
गंगा सी पवित्रता हमें लानी होंगी, 
तभी नारी नया इतिहास रचेगी ।।
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