रचनाकार-गोमती सिंह
जिला-कोरबा
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-अतीत
विधा-छंदमुक्त कविता
शीर्षक-"अतीत के पन्नों से "
संपर्क नंबर 8103564763
-----दिल करता है अतीत में खो कर जीवन गुजार दूँ ,
यादों के पन्नों में खोये अजीज को ,
पुकारते हुए जीवन गुजार दूँ।
आती जाती हर सुबहों शाम कहती हैं,
उठो जागो दिनकर को देखो ,
यूँ अतीत के सहारे जीवन नहीं गुज़रती है।
क्या होता है खोना ? ये खोने वाले ही जानेंगे
अतीत से निकलना कितना दुष्कर होता है ,
ये वो ही बता पाएंगे।
फिर भी बटोर कर साहस कहती है सिंह,
जिंदगी दरिया सी रवानी लिए होती है
बहती लहरों के साथ बहनें से ,
जिंदगी खुशहाल होती है ।
आँखों से आँसू के मोती टपक जाते हैं
जब अतीत को भूलने की बात होती है ।
-गोमती सिंह
कोरबा,छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment