Tuesday, January 10, 2023

बलौदा बाजार से चेतन सिंह की रचना- शबरी के राम है हिंदी

चेतन सिंह
कसडोल , छत्तीसगढ़
संपर्क --9202507146

शीर्षक --शबरी के राम है हिन्दी

नदी-पर्वत , मेघ -बादल , फूल - कचनार है हिन्दी !
मां   भारती   का       अनुपम ,  श्रृंगार   है हिन्दी ! 

खेतों     में       लहलहाती  ,    धान     है  हिन्दी !
जन   -  गण  -  मन  ,    राष्ट्र   गान      है हिन्दी !

कारक ,रचना , संज्ञा ,सर्वनाम ,विशेषण है हिन्दी !
भावाभिव्यक्ति  का  सुपठित ,  विश्लेषण  है  हिन्दी !

कदाचित  तत्सम ,  कदाचित  तत्भव  है  हिन्दी !
अनेकों   बोलियों   का ,      उद्भव     है   हिन्दी !

रस - अलंकार ,  दोहा - छंद -  चौपाई  है हिन्दी !
निर्मल - कोमल - निश्छल ,   पुरवाई   है  हिन्दी !

गद्य ,पद्य , एकांकी ,कहानी , संस्मरण  है हिन्दी !
भाषा  सौंदर्य  का सर्वश्रेष्ठ , उदाहरण   है हिन्दी !

चंद्रबिंदु ,हलन्त ,अनुस्वार ,  पूर्णविराम है हिन्दी !
मीरा के कृष्ण कन्हैया , शबरी के राम  है हिन्दी !

उन्हत्तर ,उन्यासी ,नवासी पर उलझन  है हिन्दी !
नमन  - अभिनंदन -  चंदन , वंदन    है   हिन्दी !

शब्द , वाक्य ,भाव की सुंदर अनुभूति है हिन्दी !
ख़ुदा की इबादत ,  इश्वर  की  स्तुति  है  हिन्दी !

उपसर्ग  -  प्रत्यय ,  संधि - समास    है   हिन्दी !
दुल्हन के सौंदर्य सा ,शहद सी मिठास है हिन्दी !

महादेवी , अज्ञेय, दिनकर, पंत , निराला है हिन्दी !
प्रेमचंद की कफ़न , बच्घन की मधुशाला है हिन्दी !

चाह - मनोरथ - कामना - अभिलाषा  है हिन्दी !
राष्ट्र गौरव , राष्ट्र प्रतीक ,  राष्ट्र भाषा  है  हिन्दी !

मां  सरस्वती  का , जिव्हा को वरदान  है हिन्दी !
क्षेत्र विशेष नहीं ,वरन पूरा हिन्दुस्तान  है हिन्दी !

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...