रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार ( छ.ग. )
विषय - आहट
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - सफलता की आहट
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// सफलता की आहट //
मेहनत की खिड़की जब खुलने लगेगी ।
सफलता की आहट सुनाई पड़ेगी ।।
आशा का दीपक रहोगे जलाते ,
उमंग और उत्साह का चादर बिछाते ,
लक्ष्य को पाने की प्यास बढ़ाते ,
करते रहोगे जब कर्मों की खेती ।
सफलता की आहट सुनाई पड़ेगी ।।
चलते ही रहोगे फिसलते - फिसलते ,
सदा विघ्न - बाधा को पग - तल कुचलते ,
भवँर में अकेला स्वयं ही संभलते ,
बिगड़ी तुम्हारी कभी तो बनेगी ।
सफलता की आहट सुनाई पड़ेगी ।।
नहीं थामते जो निराशा का दामन ,
चाहे चुनौती का आये बड़वानल ,
विश्वास का बंदूक चलाते दनादन ,
जीवन मे जीत की संगीत बजेगी ।
सफलता की आहट सुनाई पड़ेगी ।।
कभी भी न छोड़े संघर्षों का मैदान ,
लगाए जो ऊँची से ऊँची छलांग ,
नहीं कोई व्यर्थ का लालच - अभिमान ,
मन में जब शांति की गंगा बहेगी ।
सफलता की आहट सुनाई पड़ेगी ।।
सत्य प्रेम करुणा का दुर्लभ संयोग ,
धर्म ज्ञान भक्ति का चलते उद्योग ,
त्याग और सेवा का नित नये प्रयोग ,
आत्मिक विकास की मधुरता मिलेगी ।
सफलता की आहट सुनाई पड़ेगी ।।
मेहनत की खिड़की जब खुलने लगेगी ।
सफलता की आहट सुनाई पड़ेगी ।।
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