लेखिका-गोमती सिंह
जिला-कोरबा
राज्य-छत्तीसगढ़
विषय-ऊर्जा संरक्षण
विधा- गद्य
शीर्षक-ऊर्जा संरक्षण
संपर्क नंबर-8103564763
---ऊर्जा संरक्षण का अर्थ है किसी भी कार्य के लिए कम से कम ऊर्जा का उपयोग करना । हमारे पृथ्वी पर ऊर्जा का प्रमुख श्रोत है बिजली और पेट्रोलियम पदार्थ। बिजली उत्पादन के लिए अधिकाधिक मात्रा में भूमिगत कोयले की आवश्यकता होती है, जिसकी आपूर्ति के लिए हमें भूमि उत्खनन करना पड़ता है ।
परिणाम स्वरुप कोयला खदानों से कोयला निकालते निकालते हमारी पृथ्वी जिस के ऊपर हम निवासरत हैं वह खोखली होती जा रही है । अतः हमें बिजली का कम से कम उपयोग करना चाहिए।
ठीक इसी तरह हमें पेट्रोल, डीज़ल की भी बचत करनी चाहिए। जिससे पर्यावरण प्रदूषण से भी बचा जा सकता है। हमारे पृथ्वी पर ऊर्जा का सीमित श्रोत है और उसे पुनर्जीवित करने के लिए काफी समय लगता है इसलिए हमें भावी पीढ़ी के लिए ऊर्जा का संरक्षण अनिवार्य कर्तव्य सिद्ध होता है।
।।इति।।
- गोमती सिंह
कोरबा,छत्तीसगढ़
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