Wednesday, November 23, 2022

रायगढ़ से उर्मिला सिदार की कृति- धान और किसान

लेखिका- उर्मिला सिदार
जिला -रायगढ़ 
राज्य -छत्तीसगढ़ 
विधा- गद्य
शीर्षक- धान और किसान 
संम्पर्क -9303298994
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धान और किसान का गहरा संबंध है। जो एक दूसरे के उपयोगिता और पूरकता के अर्थ में है।किसान के बिना धान नहीं ,धान के बिना किसान नहीं।किसान वह मनुष्य है ,जो धरा के संपूर्ण मानव जाति के पोषण के अर्थ में धान फसल का उत्पादन करता है और सभी मानव जाति का पोषण करने में भागीदारी करता है। किसान में ममता ,वात्सल्य, प्रेम भाव दिखता है, जो मानव में ममता भाव के रुप में पोषण करता है ।वात्सल्य भाव में जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य में डटे रहता है और प्रेम प्रकृति के साथ करता है ।यही किसानों का लक्षण है ,जो हर पल हर क्षण ,चाहे वह वर्षा ऋतु हो ,चाहे शीत ऋतु हो ,गर्मी ऋतु हो। सभी ऋतु में बराबर वह फसल उगाता है।अपनी सुख सुविधा को नहीं देखता और मानव जाति की पोषण के लिए हर पल ,हर क्षण तत्पर रहता है ।फसल के बिना मानव जाति का पोषण नहीं होगा और किसान के बिना फसल का उत्पादन नहीं होगा ।अतः दोनों मानव जाति के लिए महत्वपूर्ण है ।जो मानव को पोषण कर जिंदा रखने में अपनी भागीदारी निर्वहन करता है। धान मानव का प्रमुख भोजन है। जो शरीर के पोषण, रखरखाव और ऊर्जा देने में अहम् भूमिका निभाता है। मानव जाति के लिए किसान और धान दोनों महत्वपूर्ण है।अतःमानव जाति को किसान की कृतज्ञता नही भुलनी चाहिये।
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उर्मिला सिदार बुलाँकी रायगढ़ छत्तीसगढ़

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