रचनाकार-मीराआर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-कैफियत
विधा-आलेख
कैफियत का शाब्दिक अर्थ है -समाचार|
किसी भी विषय- वस्तु के बारे में जानकारी प्रदान करने की कला कैफियत कहलाती है|
जीवन के रंगमंच में हर दिन कुछ न कुछ घटनायें घटित होती हैं|इनमें से कुछ घटनायें अत्यंत सुखद या कारुणिक होती है,जिसे व्यक्ति भूल ही नहीं पाता|ऐसी घटनायें अविस्मरणीय होती हैं|
कुछ घटनायें ऐतिहासिक होती हैं|जिसका क्रमबद्ध वर्णन कैफियत कहलाता है|
मानव ही एक मात्र ऐसा बुद्धि जीवी प्राणी है,जिसे वाणी का वरदान प्राप्त है,जो मित्रों,रिश्तेदारों व चिर -परिचितों से हालचाल पूछता व उनके सुख-दु:ख का सहभागी होता है|
सारी समस्याओं का हल पैसा नही है|कुछ समस्यायें कैफियत पूछने व बातचीत से हल कर ली जाती हैं|
कई बार थोड़े शब्दों में या दो मीठे बोल में इतनी ऊर्जा होती है कि व्यक्ति अपनी थकान भूल जाता है|मानसिक बल मिलता है|आत्मविश्वास बढ़ता है|तो आइये कैफियत का महत्व समझे और ऐसी कैफियत को महत्व दें ,जिससे मनोबल में वृद्धि हो|नकारात्मक कैफियत को नहीं ,जिससे किसी के मन को ठेस पहुंचे|
मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
Very true.
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