जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-व्यवहार
विधा-कविता
व्यवहार व्यक्तित्व का
दर्पण है|
नैतिकता,प्रेम व करुणा
पूंजी है|
मानव जो देता है, वही
पाता है|
व्यवहार सदैव विनम्रता
लाता है|
सद्कर्म मानव के जीवन
को महकाता है|
प्रेम मनुज को महामानव
ही बनाता है
मानवता का प्रतिबिम्ब हो
व्यवहार|
आओ नेह से रोकें जग में
नरसंहार||
मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
No comments:
Post a Comment